ठेकेदार को काम से ज्यादा भुगतान - दसेड़ा
जावरा। 2019 की पीलियाखाल सौंदर्यीकरण योजना 2026 तक अधूरी अधिकारियों ने ठेकेदार को काम से ज्यादा भुगतान को लेकर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनिल दसेड़ा ने कैलाश विजयवर्गीय - नगरीय प्रशासन मंत्री म.प्र.शासन, अनुराग जैन-प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश शासन, संकेत भोंडवे - आयुक्त नगरीय प्रशासन भोपाल, आशीष सिंह - उज्जैन संभागायुक्त , मिशा सिंह - रतलाम जिलाधीश को पत्र लिखकर मांग की कि नपा की लापरवाही की वजह से 7 वर्ष पूर्ण होने के बाद भी पीलियाखाल सौंदर्यीकरण योजना अधूरी हे।
गौरतलब रहे कि जावरा नगर पालिका द्वारा वर्ष 2018 में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत जावरा शहर के मध्य बहने वाले पीलिया खाल जिसमें शहर की सभी नालियों का गंदा पानी मिलने से पीलिया खाल प्रदूषित हो गया था जिससे शहर के हजारों नागरिकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर हो रहा था साथ ही नदी के दोनों और कई हैंडपंपों और ट्यूबवेलों चल रहे जिसमें पीलिया खाल का गंदा पानी मिल रहा था इस से भी जावरा नगर के नागरिकों के स्वास्थ् पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था पीलियाखाल को गंदे पानी और प्रदूषण से मुक्त करने के लिए राजस्थान के कोटा शहर के बीच बहने वाली चंबल नदी और गुजरात के अहमदाबाद शहर के मध्य बहने वाली साबरमती नदी की तर्ज पर पीलियाखाल सौंदर्यीकरण योजना वर्ष 2018 में नगरपालिका द्वारा बनाई थी मध्यप्रदेश सरकार द्वारा पीलियाखाल सौंदर्यीकरण योजना को मुख्यमंत्री अधोसंरचना 2.0 में शामिल कर 8 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे स्वीकृति के बाद जावरा नगर पालिका द्वारा 2019 में टेंडर आमंत्रित कर 8 करोड़ 68 लाख का टेंडर स्वीकृत हुआ और टेंडर की शर्त अनुसार एक साल में कार्य पूर्ण करना था शासन ने एक करोड़ 80 लाख रुपए की प्रथम किस्त के साथ ही आज दिनांक तक 8 करोड़ रुपये जावरा नगर पालिका को प्राप्त हो चुके है । लेकिन 7 वर्ष पूर्ण होने के बाद भी पीलियाखाल सौंदर्यीकरण योजना अधूरी हे।
पीलियाखाल सौंदर्यीकरण योजना का कार्य 7 वर्ष में पूरा नहीं होने पर कल 8 जून 2026 को पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष अनिल दसेड़ा ने पीलिया खाल का निरीक्षण कर वस्तु स्थिति देखने के बाद सीटी श्मशान के आगे बन रहे फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया । उसके बाद नगर पालिका कार्यालय जाकर CMO चंद्रशेखर सोनिस से मुलाकात कर पीलिया खाल की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया । रपट से सिटी श्मशान तक अंडर ग्राउंड पाइप लाइन डाली गई लेकिन उस पाइप लाइन में शहर के गंदे नालों को नहीं जोड़ा गया वही फिल्टर प्लांट के स्ट्रक्चर तक का कार्य भी पूरा नहीं हुआ है बाकी फ़िल्टर प्लांट का कार्य तो शून्य ही है । आज की स्थिति में पीलियाखाल सौंदर्यीकरण योजना का कार्य लगभग 60 प्रतिशत के आस पास ही पूर्ण हुआ हे जबकि जावरा नगर पालिका अधिकारियों द्वारा पीलियाखाल सौंदर्यीकरण योजना का टेंडर 8 करोड़ 68 लाख के एवज में ठेकेदार को 7 करोड़ 71 लाख का भुगतान कर दिया गया जो की लगभग 90% प्रतिशत के करीब है , जबकी पीलियाखाल सौंदर्यीकरण योजना का कार्य लगभग 60 प्रतिशत ही पूरा हुआ।
पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष अनिल दसेड़ा ने बताया की शासन का नियम हे जितना कार्य पूर्ण हो सत्यापन के बाद संतुष्ट होने पर उसका 90 प्रतिशत तक भुगतान किया जा सकता है जब योजना का कार्य लगभग 60 प्रतिशत पूर्ण हुआ और उस ठेकेदार को 7 करोड़ 71 लाख का भुगतान करना समझ से परे हे जब कार्य ही नहीं हुआ और भुगतान कर दिया इससे स्पष्ट होता हे की नगर पालिका अधिकारियों ने नियमों के बाहर जाकर ठेकेदार को फायदा पहुंचाया हे जो नियमों के विरुद्ध हे पीलियाखाल सौंदर्यीकरण योजना में आज दिनांक तक जितना कार्य पूर्ण हुआ लेकिन नगरपालिका अधिकारीयो द्वारा जानबूझकर लगभग डबल भुगतान कर दिया हे इसकी तुरंत एवं निष्पक्ष जाँच कर दोषी अधिकारियो पर कार्यवाही होना चाहिए।