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बुधवार, 13 मई 2026

इबादत, त्याग और समर्पण का पर्व

        इबादत, त्याग और समर्पण का पर्व
       
डेस्क रिपोर्ट। इस्लाम धर्म का प्रमुख त्योहार ईदुल अजहा, जिसे बकराइद या कुर्बानी का पर्व भी कहा जाता है. इस साल 27 या 28 मई को मनाया जा सकता है। इसकी सटीक तारीख चांद दिखने पर निर्भर करती है. इस्लामी कैलेंडर के अनुसार यह पर्व ज़ुल हिज्जा की 10वीं तारीख को मनाया जाता हैं, माना जा रहा है कि 17 या 18 मई को चांद नजर आ सकता है. जिसके बाद बकरीद की तारीख तय हो जाएगी।

ईदुलअजहा केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि इबादत, त्याग और अल्लाह के प्रति समर्पण का प्रतीक है. इस दिन मुसलमान पैगंबर इब्राहिम की कुर्बानी की भावना को याद करते है. जिन्होंने अल्लाह के हुक्म पर अपने सबसे प्रिय बेटे इस्माइल की कुर्बानी देने का वादा लिया था। इसी परंपरा के तहत मुसलमान भेड़, बकरी, ऊंट या भैंस की कुर्बानी देते है. उसके मांस को तीन हिस्सों में बांटते, एक परिवार, एक रिश्तेदारों और एक जरूरतमंदों के लिए दिया जाता है।

ज़ुल हिज्जा के पहले 10 दिन इस्लाम में बेहद मुकद्दस माने जाते है. इन दिनों में इबादत का सवाब कई गुना बढ़ जाता है। खास बात यह है कि जो लोग कुर्बानी करने का इरादा रखते है उनके लिए एक विशेष अमल बताया गया है, वे कुर्बानी होने तक अपने बाल और नाखून न काटें. यह परंपरा हजरत मोहम्मद सा.की हदीसों पर आधारित है। हदीस में उल्लेख मिलता है कि ज़ुल हिज्जा का चांद दिखने के बाद, कुर्बानी करने वाला व्यक्ति बाल और नाखून काटने से परहेज करे।

दीन के अनुसार यह अमल हज पर जाने वाले हाजियों की तरह सादगी और परहेज़गारी अपनाने का प्रतीक भी है। यह इंसान को सब्र, अनुशासन और अल्लाह के करीब होने का एहसास कराता है, साथ ही यह भी संदेश देता है कि कुर्बानी केवल जानवर की नहीं, बल्कि अपनी इच्छाओं और अहंकार की भी होनी चाहिए, हालांकि, यह नियम अनिवार्य नहीं बल्कि मुस्तहब माना गया है। यदि कोई व्यक्ति अनजाने में बाल या नाखून काट लेता है, तो उसकी कुर्बानी पर कोई असर नहीं पड़ता. ज़ुल हिज्जा के ये दिन इबादत के साथ सब्र और इंसानियत की भावना को मजबूत करने का जस्बा देते है।


विवादित टिप्पणी को लेकर समाज सड़कों पर

     विवादित टिप्पणी को लेकर समाज 
                       सड़कों पर
भोपाल। राजधानी में मुस्लिम युवक की पिटाई के दौरान इस्लाम को लेकर विवादित टिप्पणी करने पर बवाल मच गया। देर रात बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज सड़क पर उतर गया जिससे तनाव बढ़ गया। ओल्ड सिटी में मुस्लिम समाज ने विरोध जताते हुए आरोपियों पर सख्त कार्रवाई और नामजद FIR की मांग की। इस दौरान उन्होंने अल्लाह हू अकबर के नारे भी लगाए।

गौरतलब है कि गोविंदपुर थाना क्षेत्र में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने एक मुस्लिम युवक और एक हिंदू युवती को होटल से पकड़ा था। कार्यकर्ताओं ने मुस्लिम युवक के साथ मारपीट कर गोबर  खिला दिया था। मारपीट के दौरान इस्लाम ओर अल्लाह को लेकर विवादित टिप्पणी की गई थी। उस विवादित टिप्पणी को लेकर हजारों लोग सड़क पर उतर आए कई युवा कह रहे थे, की धर्म पर टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गुस्साई भीड़ को विधायक आरिफ मसूद और विधायक आतिफ अकील ने समझाया जिसके बाद प्रदर्शनकारी वापस लौट गए। बता दें कि कल दिन में भी पुलिस कमिश्नर ऑफिस का घेराव किया गया था। 

वायरल वीडियो में मारपीट के दौरान अल्लाह को लेकर विवादित टिप्पणी की गई थी। वहीं हिन्दू संगठन ने लव जिहाद का आरोप लगाया था। इस मामले में मुस्लिम युवक पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। लड़की ने पुलिस को बताया था कि वह लड़के को 5 साल से जानती है। ओर दोनों की सहमति से मिलते थे।





मंगलवार, 12 मई 2026

जिला जेल में शर्मनाक वारदात

     बंदी ने लगाया यौन शोषण का आरोप
रतलाम ।  जिला सर्किल जेल में एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बंद 19 वर्षीय युवक ने अपने साथ यौन शोषण किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड से जांच और सीजेएम के समक्ष बयान दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार मामला रतलाम जिला सर्किल जेल का है। एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल में बंद 19 वर्षीय युवक ने आरोप लगाया है कि जेल में बंद एक अन्य कैदी ने उसके साथ जबरन शारीरिक शोषण किया। पीड़ित युवक का कहना है कि उसने इसकी शिकायत जेल प्रशासन से भी की थी, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई।

घटना का खुलासा उस समय हुआ जब युवक के पिता उससे मिलने जेल पहुंचे। मुलाकात के दौरान युवक ने पूरी आपबीती अपने पिता को बताई। इसके बाद परिजनों ने पहले जेल प्रशासन से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर कानूनी रास्ता अपनाया गया। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता ने जेल पहुंचकर युवक से मुलाकात की और तथ्यों की जानकारी लेने के बाद जावरा स्थित एनडीपीएस एक्ट के विशेष न्यायाधीश की कोर्ट में आवेदन पेश किया। आवेदन में निष्पक्ष जांच और आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई।

मामले को गंभीर मानते हुए विशेष न्यायालय ने जिला जेल प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि पीड़ित का मेडिकल परीक्षण मेडिकल बोर्ड या मुख्य चिकित्सा अधिकारी से कराया जाए। साथ ही मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष युवक के बयान दर्ज कराने के भी आदेश दिए गए हैं। कोर्ट के सख्त रुख के बाद जेल प्रशासन भी हरकत में आ गया है। जेल अधीक्षक का कहना है कि मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है और न्यायालय के निर्देशानुसार बंदी का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा।


रविवार, 10 मई 2026

झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध पकड़ छोड़ अभियान शुरू

   झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध पकड़ छोड़                        अभियान शुरू
 

रतलाम। जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध प्रशासन ने एक बार फिर पकड़ छोड़ अभियान शुरू किया हे। जिले में हर साल हादसों के बाद इस तरह का पकड़ छोड़ अभियान चलता रहता है। कुछ दिन बाद फिर जवाबदारों की मेहरबानी से झोलाछापों की दुकानदारी लग जाएगी। आज ऐसा ही  अभियान को सरवन थाना पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए क्षेत्र के पांच कथित डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

जानकारी के अनुसार ​प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरवन के चिकित्सा अधिकारी  की लिखित शिकायत पर पुलिस ने सरवन क्षेत्र में अवैध रूप से क्लीनिक संचालित कर रहे आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया। पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, ​आरोपियों में फर्जी डॉक्टर मुकेश निनामा निवासी सदर बाजार सरवन, ​अवनी कुमार टिकादार निवासी बांसवाड़ा रोड सरवन, ​चन्द्रप्रकाश जोशी निवासी सैलाना और संजय बिसवास निवासी कुण्डा थाना सरवन शामिल हैं। ​इन सभी पर बिना किसी वैध डिग्री या पंजीयन के एलोपैथिक पद्धति से उपचार करने और लोगों की जान जोखिम में डालने के आरोप में  मध्य प्रदेश राज्य आयुर्विज्ञान अधिनियम 1956/1958 की धारा 24 के तहत मामला दर्ज किया है।  



शनिवार, 9 मई 2026

CBN की छापामार कार्यवाही....

    पुलिस की नाक के नीचे चल रही थी

                    ड्रग्स फैक्ट्री 

मंदसौर। सेंट्रल नारकोटिक्स डिपार्टमेंट ने शुक्रवार को छापामार कार्रवाई की। इस दौरान भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद किया। जिसके बाद एसपी विनोद कुमार कुमार मीना ने इस मामले में स्थानीय पुलिस पर नाराजगी जताते हुए 4 पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई की है। 

दरअसल, थाना दलौदा की कचनारा चौकी क्षेत्र में पुलिस की नाक के नीचे एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का कारोबार फल फूल रहा था। लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। सेंट्रल नारकोटिक्स ने यहां छापा मारा था, जिसके बाद एसपी ने चौकी प्रभारी समेत 3 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। वहीं एक को लाइन अटैच कर दिया है।

जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि किसी बाहरी एजेंसी (CBN) द्वारा इतनी बड़ी कार्रवाई किया जाना, स्थानीय पुलिस की संदिग्ध कार्यप्रणाली और घोर लापरवाही को दर्शाता है। निलंबित किए गए तीनों पुलिसकर्मियों को रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन) मंदसौर संबद्ध किया गया है। साथ ही अनुविभागीय अधिकारी (ग्रामीण) को 5 दिनों के भीतर पूरे मामले की जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

मंदसौर एसपी ने चौकी प्रभारी पूर्णिमा सिंह, ASI यूसुफ मंसूरी और आरक्षक अर्जुन सिंह को सस्पेंड कर दिया है। वहीं एसआई सीताराम शर्मा को लाइन अटैच किया है। कार्यक्षेत्र में लापरवाही और वरिष्ठ कार्यालय के निर्देशों का सख्ती से पालन नहीं करने के लिए कार्रवाई की गई हे।

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