जनप्रतिनिधी और प्रशासन के बीच टकराव
रतलाम। उज्जैन-जावरा ग्रीन फील्ड फोरलेन परियोजना को लेकर रतलाम में एक बार फिर जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच टकराव देखने को मिला हे। गौरतलब रहे कि इससे पहले भी जिला पंचायत अध्यक्ष को कलेक्टर से मिलने के लिए कलेक्ट्रेट में धरना देना पड़ा था। जानकारी के अनुसार आलोट विधायक डॉ. चिंतामणि मालवीय किसानों के साथ कलेक्टर से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। इस दौरान कलेक्टर और एसडीएम द्वारा विधायक को चैंबर में मिलने के लिए बुलाया गया, लेकिन विधायक ने साफ कहा कि मुद्दा जनता से जुड़ा है, इसलिए बातचीत भी जनता के बीच ही होनी चाहिए।
जब कलेक्टर मिशा सिंह चैंबर से बाहर नहीं आईं, तो विधायक कलेक्ट्रेट की सीढ़ियों पर ही बैठ गए और वहीं इंतजार करने लगे। करीब 15 मिनट तक चले इस गतिरोध के बाद कलेक्टर चैंबर से बाहर निकलीं और विधायक व किसानों से मुलाकात की।
किसानों ने जमीन के लिए प्रस्तावित ढाई लाख रुपए प्रति बीघा मुआवजे को कम बताते हुए बाजार मूल्य के अनुसार मुआवजा देने की मांग की। इस पर कलेक्टर मिशा सिंह ने मुआवजे की समीक्षा करवाने का आश्वासन दिया।
जिले में लगातार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच टकराव देखने को मिल रहा हे जो जिले के विकास के लिए बाधा बन सकता हे वही फूल छाप पार्टी को बड़ा नुकसान होने की संभावना हे।