लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर गिरी गाज
रतलाम। शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कलेक्टर का कड़ा रुख सामने आया है। हाल ही में आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने विभागीय कार्यों की प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई और स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यार्थियों के भविष्य और शासन की योजनाओं के साथ किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में सीईओ जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन, जिला शिक्षा अधिकारी, डीपीसी, बीईओ एवं बीआरसी उपस्थित रहे।
समय पर कार्य न करने के कारण जावरा एवं आलोट के बीआरसी को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, डीपीसी को निर्देश दिए गए हैं कि लापरवाही बरतने वाले अन्य बीआरसी और बीईओ के विरुद्ध भी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पीएम श्री विद्यालय रिंगनोद में विद्यार्थियों को समय पर पुस्तकें और साइकिलों का वितरण न किए जाने पर विद्यालय के प्राचार्य तथा जावरा बीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान जावरा बीईओ द्वारा अजीब तर्क दिया गया कि निरीक्षण के दौरान विद्यालय का कमरा बंद मिला था। इस पर कलेक्टर ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि अधिकारियों को केवल औपचारिकता निभाने के बजाय नियमित रूप से धरातल पर जाकर विद्यालयों की वास्तविक व्यवस्थाओं की निगरानी करें।
कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में कहा कि शिक्षा विभाग के विद्यालयों की स्थिति में अभी भी सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि ट्राइबल (आदिवासी) विभाग के विद्यालय, शिक्षा विभाग के विद्यालयों से बेहतर स्थिति में हैं, इसलिए शिक्षा विभाग को भी अपने स्कूलों की स्थिति उनके समकक्ष लानी होगी।
इन योजनाओं और कार्यों की हुई गहन समीक्षा
⚫ साइकिल एवं पुस्तक वितरण योजना
⚫ मुख्यमंत्री स्कूटी एवं लैपटॉप वितरण योजना
⚫ सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें
⚫ अपार (APAAR) आईडी का निर्माण
कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे इन सभी योजनाओं के कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण करें, ताकि छात्र-छात्राओं को समय पर पूरा लाभ मिल सके।
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