एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध
गुरुवार, 13 अगस्त 2026
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एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध
डेस्क रिपोर्ट। स्वास्थ्य जोखिमों और मिलावट को रोकने के लिए हाल ही में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के कड़े नियमों के तहत मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ जैसे कई राज्यों में इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
(कृत्रिम या नकली पनीर) असली दूध के बजाय वनस्पति तेल (जैसे पाम ऑयल), स्टार्च, मिल्क पाउडर और इमल्सीफायर जैसी गैर-डेयरी सामग्रियों को मिलाकर तैयार किया जाता है। दिखने में यह बिल्कुल असली पनीर जैसा ही नजर आता है।
असली पनीर की पहचान
हाथ से मसलना: असली पनीर को हाथ से मसलने पर वह बिखर कर टूट जाता है, जबकि एनालॉग पनीर रबर की तरह खिंचता है और आसानी से बिखरता नहीं है।
आयोडीन टेस्ट: पनीर के टुकड़े को पानी में उबालकर ठंडा करें और उसमें आयोडीन की कुछ बूंदें डालें। यदि रंग नीला या काला हो जाता है, तो वह एनालॉग पनीर (स्टार्च की मौजूदगी) है।
कीमत और लेबल: रेस्टोरेंट्स और स्ट्रीट वेंडर्स पर मिलने वाले बेहद सस्ते पनीर व्यंजन अक्सर एनालॉग पनीर से बने होते हैं। पैकेट वाले पनीर को खरीदते समय हमेशा उसके पीछे दी गई इंग्रीडिएंट्स लिस्ट और एफएसएसएआई (FSSAI) का लेबल जरूर जांचें।
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