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गुरुवार, 5 अक्टूबर 2023

राजनीती बिसात पर कौन उम्मीदवार जीतेगा बाज़ी ........

                          राजनीती बिसात पर कौन उम्मीदवार जीतेगा बाज़ी

                             

प्रदेश में विधानसभा चुनावों को देखते हुए राजनीतिक दलों में उम्मीदवार के नामों पर सक्रियता से विचार विमर्श चल रहा है। दोनों ही राजनीतिक दलों ने अपने अपने स्तर से सर्वे भी कराए है सर्वे के आधार पर मीडिया से रही खबरों पर पैनी नजर रखी जा रही है। उम्मीदवार भी शक्ति प्रदर्शन करते हुए अपनी अपनी सशक्त दावेदारी पेश कर रहे हैं। रतलाम जिले में आगामी विधानसभा चुनाव में दो-दो हाथ करने के पहले दोनों ही पार्टियों में टिकट को लेकर घमासान मचा हुआ है। रतलाम जिले में अगर पांचो विधानसभा सीटों की बात की जाए तो अभी तीन सीटों पर बीजेपी और दो पर कांग्रेस काबिज़ हे

रतलाम शहर की बात करे तो फूलछाप पार्टी में स्थिति साफ़ दिखाई देती हे यहाँ वर्तमान विधायक कश्यप दूसरे सभी उम्मीदवारों पर भारी हे क्योकि वर्तमान में टिकट के लिए जो तामझाम जरुरी हे वो सब उनके पास हे, रही बात कांग्रेस की तो उसके पास उम्मीदवार तो कई हे परन्तु जीतने वाले उम्मीदवार का टोटा हे, वर्तमान हालत में अगर राजनीती के जानकारों की माने और जिस तरह नगर में हालत बन रहे हे और बीजेपी विरोधी गुट अपने पत्ते चल रहा हे, उसके अनुसार सबसे मज़बूत उम्मीदवार पूर्व विधायक पारस सकलेचा हो सकते हे जिनको सभी वर्गों के साथ विरोधी गुट का भी समर्थन मिल सकता हे।

रतलाम ग्रामीण विधानसभा सीट पर भाजपा और कांग्रेस के दावेदार लॉबिंग में जुटे हुए हैं। भाजपा द्वारा उम्मीदवारों की दो सूची जारी किए जाने के बाद रतलाम ग्रामीण विधानसभा सीट पर वर्तमान विधायक दिलीप मकवाना और पूर्व विधायक मथुरा लाल डामर के समर्थकों के बीच जबरदस्त रस्साकशी का दौर जारी है। वहीं, पार्टी द्वारा नए चेहरों पर भी दांव लगाए जाने के कयास लगाए जा रहे है। कांग्रेस में दावेदारों की फेहरिस्त लंबी है। लक्ष्मण सिंह डिंडोर, कोमल धुर्वे, थावर भूरिया, अभय ओहरी और किशन सिंगाड़ के बीच टिकट की टक्कर जारी है।

अगर आलोट व् सैलाना विधानसभा की बात करे तो कांग्रेस की और से लगभग वर्तमान विधायक हर्ष गहलोत और मनोज चावला फ़ाइनल हे बीजेपी ने भी सैलाना से संगीता चारेल को फ़ाइनल कर दिया हे वही आलोट में पेज़ फसा हुवा दिखाई दे रहा हे,यहाँ से जीतेन्द्र गहलोत और रमेश मालवीय के बिच रस्साकशी दिखाई दे रही हे अगर लोकल व्यक्ति की बात चली तो मालवीय बाज़ी मार सकते हे,  

जावरा में मुख्यमंत्री के दौरा निरस्त होने के बाद काफी हद तक स्थिति साफ़ होती दिख रही हे जिस तरह से वर्तमान विधायक का पार्टी के नेता ही खुलकर विरोध कर रहे हे अभी कुछ दिन पहले भी पूर्व मंत्री के साथ नगर के कई बीजेपी नेताओ ने भोपाल जा कर मुख्यमंत्री से शिकायत की थी वही अगर राजनीती के जानकारों की माने तो वर्तमान विधायक पार्टी मे कई मौके पर दवेदारी को लेकर कुछ उदासीन दिखाई दे रहे हे वही उनके विरोधी गुट इस बार भारी दिखाई दे रहे हे, सभी मिलकर के.के.सिंह कालूखेड़ा पर दाव खेल सकते हे, जहाँ तक पंजा पार्टी की बात करे तो ऊपर - ऊपर घमासान दिखाई देता हे, परन्तु जिस तरह से कांग्रेस में कमलनाथ जी वन मेंन शो हे और उन्होंने मप्र की लगभग सीटों पर उम्मीदवारो को फाइनल कर उनको हरी झंडी दे दि हे इसको देखते हुए राजनीती के जानकारों की माने तो वीरेंद्र सिंह सोलंकी और डी.पी. धाकड़ के बिच रस्साकसी दिखाई दे रही हे परन्तु जानकारो के अनुसार इस बार बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टिया ठाकुर उम्मीदवार पर दांव खेल सकती हे।

 

 


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