चाइनीज मांझा मिला तो जेल तय...?
मप्र हाईकोर्ट का सख्त रुख
इंदौर। चाइनीज मांझे से हो रही लगातार मौतों और गंभीर हादसों को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने कहा कि प्रतिबंध के बावजूद इस जानलेवा मांझे का उपयोग होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसे रोकने के लिए कठोर कार्रवाई आवश्यक है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि चाइनीज मांझे के कारण किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) के तहत गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा। इस टिप्पणी को प्रशासन के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि त्योहारों के दौरान पतंगबाजी में वृद्धि होती है, जिससे हादसों की आशंका और बढ़ जाती है। इसके बावजूद प्रतिबंधित मांझे की खुलेआम बिक्री और उपयोग प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है। हाईकोर्ट ने यह भी साफ किया कि यदि कोई व्यक्ति चाइनीज मांझा बेचते या उसका उपयोग करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सीधे आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट ने इसमें किसी भी तरह की ढील न देने के निर्देश दिए हैं।
न्यायालय ने नाबालिगों के मामले में भी सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने कहा कि यदि कोई नाबालिग चाइनीज मांझा उड़ाते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके अभिभावकों को जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सुनवाई के दौरान कोर्ट को अवगत कराया गया कि इंदौर में बीते कुछ महीनों के दौरान चाइनीज मांझे से तीन लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और बड़ी संख्या में पक्षी भी इस जानलेवा मांझे का शिकार बने हैं।
कोर्ट ने यह भी माना कि चाइनीज मांझा धातु मिश्रित होने के कारण बेहद खतरनाक होता है। इससे गला कटने, गंभीर चोट लगने और बिजली लाइनों से टकराने पर करंट लगने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। मकर संक्रांति पर्व को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने इंदौर सहित अपनी सीमा में आने वाले 14 जिलों से अब तक की गई कार्रवाई और भविष्य की कार्ययोजना की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। इस संबंध में अगली सुनवाई 16 जनवरी को निर्धारित की गई। हाईकोर्ट ने शासन को निर्देश दिए हैं कि प्रतिबंध को केवल कागजाें तक सीमित न रखा जाए, बल्कि ज़मीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई कर लोगों की जान की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।