न्याय के साथ खड़े रहो, ईश्वर आपको शक्ति देगा
डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश में द कश्मीर फाइल्स फिल्म को लेकर आईएएस अधिकारी नियाज़ खान की मुसलमानों को कीड़े समझे जाने और उनकी हत्याओं पर भी फिल्म बनाने का बयान देने के बाद सरकार से नोटिस जारी किए जाने के बाद जिस बेबाक अंदाज़ में उनकी ईमानदार कार्यशैली के अनुसार उन्होंने कहा है कि “न्याय के साथ खड़े रहो। ईश्वर आपको शक्ति देगा”। आज उन्होंने ट्वीट कर कुरान में गहरी आस्था रखने की बात कही और कहा है कि जो सभी लोगों से प्यार करता है तो उसका दिल मजबूत हो जाता है। खान ने कहा कि जो भी न्याय के साथ खड़ा रहता है उसे ईश्वर शक्ति देता है। आलोचना करने वालों की अभद्र भाषा की टिप्पणी आशीर्वाद में बदल जाती है। आईएएस अधिकारी ने कहा कि ईश्वर के अलावा किसी से नहीं डरना चाहिए क्योंकि अल्लाह बहादुरी को पसंद करता है।आइए आज जानते हैं नियाज खान ने अपने बेदाग आईएएस करियर में कौन-कौन से कारनामों को अंजाम दिया है।
पहला एक्शन सलमान सहित
अन्य फिल्मी सितारों पर
जानकारी के अनुसार नियाज़ खान
2015 गुना में एडीएम के पद पर तैनात थे। इसी दौरान उन्होंने एक नामी कोल्ड ड्रिंक कंपनी का नमूना जांच के लिए भोपाल की सरकारी लैब में भेजा था। जांच के दौरान पता चला कि कोल्ड ड्रिंक कंपनी ने बॉटल पर फ्लेवर की इंफॉर्मेशन प्रिंट नहीं की थी। बाद में इस मामले में फिल्म एक्टर सलमान खान, अक्षय कुमार और साउथ के फिल्म कलाकार महेश बाबू को इस ब्रांड का प्रचार करने के लिए नोटिस भेजा था।
नामी लोग, बिंदास कार्यवाही ,चलवाया बुलडोजर
साल
2006-07 में होशंगाबाद में तैनाती के दौरान नियाज खान ने पचमढ़ी में बड़ी कार्रवाई की थी। उन्होंने यहां पर पहली बार बुलडोजर का इस्तेमाल करते हुए प्रसिद्ध लेखिका अरुंधति राय के पति प्रदीप किशन और फिल्मकार विक्रम भट्ट के बंगले से अवैध कब्जा हटवाया था। वहीं साल 2008 में ग्वालियर में नियाज खान ने महज 12 घंटे के अंदर ही 110 अतिक्रमण हटवाए थे। इसके अलावा साल 2009 में रतलाम में एक दिन के अंदर रेत के 1500 डंपर जब्त कर लिए थे। सिर्फ इतना ही नहीं, साल 2019 में नियाज खान ने 6 मंत्रियों के साथ-साथ कई आईएएस और आईपीएस को भी नोटिस थमाई थी।
देश के सबसे बड़े ओडीएफ घोटाले का खुलासा
गुना में एसडीएम रहने के दौरान नियाज खान को जिला पंचायत सीईओ का प्रभार मिला। इस दौरान नियाज खान ने देश का सबसे बड़ा ओडीएफ घोटाला खोला था। इस जांच में खुलासा हुआ था कि गांवों में स्वच्छता, मुक्तिधाम और पीएम आवास में काफी बड़ा घोटाला हुआ है। एक्शन लेते हुए
1354 कर्मचारियों और अधिकारियों का वेतन रोककर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
