यह स्थिति तब बनी जब हिंदू संगठनों ने बसंत पंचमी के अवसर पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा करने की मांग की थी, जबकि मुस्लिम पक्ष हर शुक्रवार की तरह जुमे की नमाज पढ़ने पर कायम था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुना और एक संतुलित समाधान दिया।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि हिंदू पक्ष सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक भोजशाला में अखंड पूजा और हवन कर सकेगा। वहीं, मुस्लिम समुदाय के लिए दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच नमाज के लिए परिसर में ही एक अलग जगह उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन द्वारा नमाजियों के लिए पास की व्यवस्था की गई है और दोनों समुदायों के प्रवेश व निकास के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए गए हैं ताकि किसी भी तरह का टकराव न हो।