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गुरुवार, 22 जनवरी 2026

मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के अलावा अन्य संगठनों को बदलना होगा नाम


 रजिस्ट्रार फर्म एंड सोशायटी ने जारी किया                             आदेश
                             
भोपाल। श्रमजीवी पत्रकार के नाम पर अब केवल मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ ही अस्तित्व में रहेगा। जो संगठन श्रमजीवी पत्रकार के नाम पर पंजीकृत हैं उन्हें अपना नाम बदलना पड़ेगा, साथ ही अब श्रमजीवी पत्रकार के नाम से किसी अन्य संगठन का पंजीयन भी नहीं हो सकेगा। दरअसल, रजिस्ट्रार फर्म एवं संस्थाएं भोपाल द्वारा भोपाल-नर्मदारपुरम संभाग, इंदौर संभाग, उज्जैन संभाग, सागर संभाग, ग्वालियर-चम्बल संभाग, रीवा-शहडोल संभाग एवं जबलपुर संभाग के असिस्टेंट रजिस्ट्रार फर्म एवं संस्थाएं को निर्देशित किया गया है कि आपके कार्यालय में पंजीकृत श्रमजीवी पत्रकार संघों के संबंध में आवश्यक कार्यवाही कर विधि अनुसार नाम संशोधित करने की कार्यवाही करें। रजिस्ट्रार ने यह भी कहा है कि श्रमजीवी पत्रकार संघ के नाम से विभिन्न जिलो में पंजीयन के समय गहन जॉचकर ही कार्यवाही की जाये। रजिस्ट्रार फर्म एवं संस्थाएं भोपाल ने यह आदेश मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के पक्ष में पारित निर्णय के अनुपालन में जारी किया गया है।

गौरतलब है कि इस संबंध में मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया ने मिलते-जुलते नाम से पंजीकृत संगठनों के खिलाफ जिला व संभाग स्तर से लेकर उच्च न्यायालय तक लंबी लड़ाई लड़ी। अंतत: उनका संघर्ष कामयाब रहा और उच्च न्यायालय जबलपुर के न्यायाधीश जी.एस. अहलूवालिया ने 06 सितम्बर 2024 को मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के पक्ष में निर्णय पारित किया कि अन्य कोई संगठन श्रमजीवी पत्रकार के नाम का उपयोग नहीं कर सकता। उच्च न्यायालय ने रजिस्ट्रार ट्रेड यूनियन को मामले में 24 अक्टूबर 2024 तक उभयपक्ष की सुनवाई कर अंतिम निर्णय लेने का आदेश दिया था। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी कुछ संगठन श्रमजीवी पत्रकार के नाम पर पंजीयन लिए बैठे थे। जिला या संभाग स्तर पर फर्म एंड सोसायटी के उप पंजीयकों ने भी ऐसे संगठनों के खिलाफ कार्यवाही नहीं की। लिहाजा ऐसे संगठनों द्वारा पत्रकारों को भ्रमित किया जाता था कि उनका संगठन ही वास्तविक श्रमजीवी पत्रकार संघ है। जिसके बाद मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया द्वारा मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश की प्रति के साथ रजिस्ट्रार फर्म एवं संस्थाएं भोपाल को कार्यवाही हेतु पत्राचार किया गया था। अंतत: अब रजिस्ट्रार फर्म एवं संस्थाएं भोपाल ने प्रदेश के सभी उप पंजीयकों को श्रमजीवी पत्रकार के नाम से संचालित संगठनों का नाम बदलवाने के आदेश जारी कर दिए हैं।

 

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