प्रताड़ना से परेशान हाली ने लगाई फांसी
जावरा । औद्योगिक थाना क्षेत्र के ग्राम हरियाखेड़ा में ग्राम पंचायत के सरपंच जितेंद्र पाटीदार व उनके परिवार के खेत का हाली लक्ष्मीचंद शनिवार सुबह पानी की टंकी पर फांसी के फंदे पर लटका मिला। इससे गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और शव पोस्टमार्टम के लिए जावरा के सरकारी अस्पताल भिजवाया।दोपहर में पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजन को सौंप दिया। अस्पताल से शव घर लाते समय परिजन व उनसे साथ आए लोगों ने शव वाहन रोककर चक्काजाम कर दिया और सरपंच, उसके पिता व भाई तथा पुलिसकमिर्यों पर लक्ष्मीचंद को प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए उन पर कार्रवाई करने की मांग करने लगे। कुछ देर बाद अधिकारियों ने आरोपी सरपंच, उसके भाई व पिता पर प्रकरण दर्ज करने, एक आरोपी को गिरफ्तार करने व एएसआई आशीष मांगरिया को लाइन अटैच करने की जानकारी दी। इसके बाद चक्काजाम समाप्त किया गया।
जानकारी के अनुसार 45 वर्षीय लक्ष्मीचंद पिता कनीराम ग्राम पंचायत हरियाखेड़ा के सरपंच आरोपी जितेंद्र पाटीदार परिवार के खेत पर फसलों को पानी पिलाने व मजदूरी का कार्य करता था। शनिवार सुबह लक्ष्मीचंद गांव की सार्वजनिक पानी की करीब 30 फीट ऊंची टंकी पर रस्सी से बंधे फांसी के फंदे पर लटका मिला। टंकी की दीवार पर पुलिस नहीं सुनती, सरपंच ने मारने की धमकी दी है आदि लिखा हुआ था। माना जा रहा है कि लक्ष्मीचंद ने ही यह बाते लिखी होगी और उसके बाद फांसी लगाई होगी। खबर फैलने पर मौके पर परिजन व बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। सूचना मिलन पर एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल, जावरा औदियोगिक थाना प्रभारी विक्रमसिंह चौहान व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच कर शव पोस्टमार्टम के लिए जावरा के सरकारी अस्पताल भिजवाया।
परिजन ने बताया कि लक्ष्मीचंद के साथ पुलिस थाने में बंद कर मारपीट की गई थी। इसकी शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को लक्ष्मीचंद ने की थी लेकिन उसकी सुनवाई नहीं की गई। शिकायत में कहा गया था कि लक्ष्मीचंद आरोपियों के खेत पर काम करता है। वह 11 फरवरी 2026 की रात खेत पर फसलों को पानी दे रहा था, तब कुछ चोर खेत पर आए एक। उनमें से एक को झटका मशीन से करंट लग गया था। उनके कहने पर लक्ष्मीचंद ने मशीन बंद कर दी थी। इसके बाद दस लोगों ने लक्ष्मीचंद को पीटना शुरू कर दिया था और सभी मशीने कुएं में फैंक दी थी। उसने उसी समय खेत मालिक पुरषोत्तम पाटीदार, जितेंद्र पाटीदार व लोकेश पाटीदार को खेत पर बुलाया था। उनके द्वारा लक्ष्मीचंद को थाने पर साथ ले जाकर झूठी शिकायत कर फंसाने के लिए कहा था कि इसने (लक्ष्मीचंद) ने ही मशीन कुएं में डलवाई है तथा हमें पिटवाने के लिए उन लोगों को बुलाया था। जितेंद्र पाटीदार के सरपंच होने से थाने पर लक्ष्मीचंद की बात नहीं सुनी गई और सरपंच के कहने पर उसे अंदर बंद कर दो पुलिसकर्मियों ने खूब मारा। उससे कहा गया कि तू किसी और का झूठा नाम ले दे, तूझे छोड़ देंगे। रातभर पुलिसकर्मियो ने उससे मारपीट की। दूसरे दिन लक्ष्मीचंद ने वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी।