गंभीर हादसा या लापरवाही
इंदौर। आखिर शराब ने फिर रंग दिखाया जिम्मेदारो का गैर जिम्मेदार रवैया आया सामने भीषण सड़क हादसे ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया अब इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है, हादसे के जिम्मेदार ट्रक ड्राइवर के मेडिकल टेस्ट में सामने आया है कि उसके शरीर में 887 एमजी अल्कोहल पाई गई, जो कि तय सीमा से कई गुना ज्यादा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ड्राइवर पूरी तरह से नशे में था और इसी वजह से उसने लगातार डेढ़ किलोमीटर तक सड़क पर आतंक मचाया।
गोर तलब रहे कि हादसा शनिवार रात हुआ, जब एक बेकाबू ट्रक ने सबसे पहले शिक्षक नगर चौराहे पर खड़ी गाड़ियों को टक्कर मारी, इसके बाद ट्रक लगभग डेढ़ किलोमीटर तक जो भी सामने आया, उसे रौंदता चला गया, बेकाबू ट्रक तब रुका जब उसमें एक मोटर साइकल सवार सहित आगे के पहिए में फंस गया ओर आग लग गई ।
आधिकारिक रूप से अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, पहले दो लोगों की मौके पर मौत हुई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल महेश खतवासे ने रविवार सुबह अरविंदो अस्पताल में दम तोड़ दिया, वहीं लगभग 14 लोग घायल हैं, जिनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है।
हादसे के बाद गुस्साए लोग सड़कों पर उतर आए और इंदौर पुलिस पर जमकर नाराजगी जाहिर की. लोगों का आरोप है कि पुलिस की कमीशनखोरी और लापरवाही की वजह से ही नो-एंट्री वाले रास्ते पर रात 7 बजे भारी वाहन दौड़ रहा था, जबकि नियम के मुताबिक रात 11 बजे के बाद ही एंट्री दी जाती है।