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गुरुवार, 26 फ़रवरी 2026

बारातियों से मारपीट, 7 पर प्रकरण दर्ज

    बारातियों से मारपीट, 7 पर प्रकरण दर्ज 
रतलाम। दीनदायल नगर थाना क्षेत्र के ग्राम मथुरी में अन्य गांव से आई बारात में उसे समय हड़कंप मच गया, जब कुछ लोग बारातियों से विवाद कर मारपीट करने लगे। आरोपियों का कहना था कि उनका डीजे (साउंड सिस्टम) क्यों बुक नहीं किया। इस दौराना आरोपियों ने दूल्हे को घोड़ी से नीचे गिरा दिया और उसका मां को तलवार मार दी। वहां दुल्हन की मां व कुछ बारातियों के साथ मारपीट भी की गई। मारपीट में छह-सात लोगों को चोट आई है। पुलिस ने दुल्हन की मां की रिपोर्ट पर सात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।


जानकारी के अनुसार 25 फरवरी दोपहर ग्राम मथुरी में दूल्हा कन्हैयालाल निवासी ग्राम भेरूपाड़ा (धराड़) की बारात आई थी। उसकी सेल (बारात) निकल रही थी, तभी कुछ लोग बारात में पहुंचे तथा गाली-गलोच करते हुए उनका डीजे नहीं लगाने की बात को लेकर विवाद करने लगे। दूल्हे की मां बीच-बचाव करने गई तो एक आरोपी ने उन्हें तलवार मार दी। इससे उनके चेहरे पर आंख के पास चोट लगी। अन्य लोग बीच-बचाव करने पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट की गई। मारपीट की घटना से बारात में हड़कंप मच गया और लोग इधर-उधर भागने लगे तथा कुछ बीच-बचाव करने लगे। इसी बीच आरोपी धमकाते हुए वहां से चले गए। कुछ दूर बाद दूल्हा, दुल्ह की मां व कुछ बाराती दीनदयाल नगर थाने पहुंचे, जहां दुल्हन की मां ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।

शनिवार, 21 फ़रवरी 2026

प्रताड़ना से परेशान हाली ने लगाई फांसी

   प्रताड़ना से परेशान हाली ने लगाई फांसी 
जावरा । औद्योगिक थाना क्षेत्र के ग्राम हरियाखेड़ा में ग्राम पंचायत के सरपंच जितेंद्र पाटीदार व उनके परिवार के खेत का हाली लक्ष्मीचंद शनिवार सुबह पानी की टंकी पर फांसी के फंदे पर लटका मिला। इससे गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और शव पोस्टमार्टम के लिए जावरा के सरकारी अस्पताल भिजवाया।

दोपहर में पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजन को सौंप दिया। अस्पताल से शव घर लाते समय परिजन व उनसे साथ आए लोगों ने शव वाहन रोककर चक्काजाम कर दिया और सरपंच, उसके पिता व भाई तथा पुलिसकमिर्यों पर लक्ष्मीचंद को प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए उन पर कार्रवाई करने की मांग करने लगे। कुछ देर बाद अधिकारियों ने आरोपी सरपंच, उसके भाई व पिता पर प्रकरण दर्ज करने, एक आरोपी को गिरफ्तार करने व एएसआई आशीष मांगरिया को लाइन अटैच करने की जानकारी दी। इसके बाद चक्काजाम समाप्त किया गया।

जानकारी के अनुसार 45 वर्षीय लक्ष्मीचंद पिता कनीराम ग्राम पंचायत हरियाखेड़ा के सरपंच आरोपी जितेंद्र पाटीदार परिवार के खेत पर फसलों को पानी पिलाने व मजदूरी का कार्य करता था। शनिवार सुबह लक्ष्मीचंद गांव की सार्वजनिक पानी की करीब 30 फीट ऊंची टंकी पर रस्सी से बंधे फांसी के फंदे पर लटका मिला। टंकी की दीवार पर पुलिस नहीं सुनती, सरपंच ने मारने की धमकी दी है आदि लिखा हुआ था। माना जा रहा है कि लक्ष्मीचंद ने ही यह बाते लिखी होगी और उसके बाद फांसी लगाई होगी। खबर फैलने पर मौके पर परिजन व बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। सूचना मिलन पर एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल, जावरा औदियोगिक थाना प्रभारी विक्रमसिंह चौहान व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच कर शव पोस्टमार्टम के लिए जावरा के सरकारी अस्पताल भिजवाया।

परिजन ने बताया कि लक्ष्मीचंद के साथ पुलिस थाने में बंद कर मारपीट की गई थी। इसकी शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को लक्ष्मीचंद ने की थी लेकिन उसकी सुनवाई नहीं की गई। शिकायत में कहा गया था कि लक्ष्मीचंद आरोपियों के खेत पर काम करता है। वह 11 फरवरी 2026 की रात खेत पर फसलों को पानी दे रहा था, तब कुछ चोर खेत पर आए एक। उनमें से एक को झटका मशीन से करंट लग गया था। उनके कहने पर लक्ष्मीचंद ने मशीन बंद कर दी थी। इसके बाद दस लोगों ने लक्ष्मीचंद को पीटना शुरू कर दिया था और सभी मशीने कुएं में फैंक दी थी। उसने उसी समय खेत मालिक पुरषोत्तम पाटीदार, जितेंद्र पाटीदार व लोकेश पाटीदार को खेत पर बुलाया था। उनके द्वारा लक्ष्मीचंद को थाने पर साथ ले जाकर  झूठी शिकायत कर फंसाने के लिए कहा था कि इसने (लक्ष्मीचंद) ने ही मशीन कुएं में डलवाई है तथा हमें पिटवाने के लिए उन लोगों को बुलाया था। जितेंद्र पाटीदार के सरपंच होने से थाने पर लक्ष्मीचंद की बात नहीं सुनी गई और सरपंच के कहने पर उसे अंदर बंद कर दो पुलिसकर्मियों ने खूब मारा। उससे कहा गया कि तू किसी और का झूठा नाम ले दे, तूझे छोड़ देंगे। रातभर पुलिसकर्मियो ने उससे मारपीट की। दूसरे दिन लक्ष्मीचंद ने वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी।




भोपाल में सियासी घमासान, खूब चले पत्थर

भोपाल में सियासी घमासान, खूब चले पत्थर
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का सियासी माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया, जब कांग्रेस प्रदेश कार्यालय (PCC) रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। शिवाजी नगर स्थित कांग्रेस मुख्यालय में भाजपा कार्यकर्ताओं के घुसने और तोड़फोड़ करने के बाद दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई। यह राजनीतिक विरोध देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया।

दोनों ओर से हुए पथराव में भारी नुकसान हुआ है। इस हिंसा में भाजयुमो के जिला मंत्री मोहित अग्निहोत्री की नाक की हड्डी टूट गई है। वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस जिला अध्यक्ष (ग्रामीण) गोपिल कोतवाल के सिर पर गंभीर चोट आई है, जिसके चलते उन्हें आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया है। घटना में दोनों दलों के लगभग आधा दर्जन अन्य कार्यकर्ता भी घायल हुए हैं।

शुक्रवार, 20 फ़रवरी 2026

प्रशासन का आदेश दूसरे दिन ....???

     प्रशासन का आदेश दूसरे दिन ....???
                            
डेस्क रिपोर्ट। प्रशासन ने गुरुवार को जिले भर के लिए प्रतिबंधात्मक जो आदेश लागू किए थे जो शुक्रवार को तार - तार हो गए। आदेश में ये भी बताया गया था कि आदेश का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई होगी। मगर दूसरे दिन शुक्रवार को ही रैली भी निकाली गई और प्रदर्शन भी हुए। पहले एससी, एसटी, ओबीसी और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली। शाम को कांग्रेस ने पुतला दहन किया। 

        यूजीसी के समर्थन में निकली रैली

प्रशासन के आदेश की धज्जियां उड़ाने की शुरुआत एससी, एसटी, ओबीसी और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने की। उन्होंने अंबेडकर सर्किल से रैली निकाली। जिन्हें भारी पुलिस बल ने कोर्ट चौराहे से आगे नहीं बढ़ने दिया। विधायक ओर कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय तक जाने कोशिश में थे। एससी, एसटी, ओबीसी और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने यूजीसी के समर्थन में रैली निकाल कर स्टे को हटाने की भी मांग कर रहे थे। रैली में काफी संख्या में लोग मौजूद थे। धक्का मुक्की के बाद कोर्ट चौराहे पर ही ज्ञापन लिया गया और वही रैली का सम्पन्न हुआ।

         कांग्रेस का पुतला दहन प्रदर्शन

रैली के कुछ देर बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के आदेश को तार - तार करते हुवे नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को औकात में रहने की सीख देने वाले प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ कांग्रेस का गुस्सा फूटा। शाम को कांग्रेसियों ने धानमंडी क्षेत्र में प्रदर्शन और नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री के पोस्टर लगे हुए पुतले फुके, हालांकि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के पोस्टर बाद में अलग से जलाएं। इस प्रदर्शन में भी पुलिस प्रशासन को काफी मशक्कत करना पड़ी। यहाँ तक की वाटर कैनन भी चलानी पड़ी।

      गुरुवार को लगाया था, प्रतिबन्ध

गौरतलब रहे कि गुरुवार को ही अपर कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी डॉ. शालिनी श्रीवास्वत द्वारा किसी भी आपत्तिजनक अथवा उद्वेलित करने वाली चित्र, संदेश करने पर,  साम्प्रदायिक संदेश एवं उनकी फॉरवर्डिंग, ट्विटर, फेसबुक, व्हाट्सअप,  सोशल मीडिया पोस्ट करने, पोस्ट पर कमेंट करने की गतिविधियों एवं धरना, रैली, जुलुस तथा ध्वनि विस्तार यंत्रो के प्रयोग पर प्रतिबन्ध लगाया गया था। ओर आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के प्रावधानों के तहत अभियोजन की कार्रवाई की जाएगी एवं उक्त आदेश आगामी 02 माह तक प्रभावशील रहेगा ऐसा बताया गया था। समाचार लिखे जाने तक प्रशासन द्वारा किसी पर कोई कार्यवाही नहीं की गई थी।



       


रतलाम कांग्रेस का पुतला दहन प्रदर्शन

     रतलाम कांग्रेस का पुतला दहन प्रदर्शन
रतलाम। कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने शुक्रवार को धानमंडी में मध्यप्रदेश शासन के केबिनेट मंत्री का पुतला दहन किया। पुलिस द्वारा पुतला जलाने से रोकने के दौरान कार्यकर्ताओ की झूमाझटकी भी हुई। आख़िरकार पुलिस द्वारा वाटर केनन चलाकर पुतले में लगी आग को बुझा दिया गया। गुस्साए कार्यकर्ता पुलिस के सामने प्रदर्शन कर नारेबाजी करने लगे।

गौरतलब रहे कि बीते दिन मध्यप्रदेश सरकार के बजट भाषण के दौरान प्रदेश के केबिनेट मंत्री और विपक्ष के नेता उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस हो गई थी। बहस के दौरान आपत्ति जनक बयान को लेकर शुक्रवार दोपहर 4 बजे कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने धानमंडी पर मंत्री विजयवर्गीय का पुतला दहन किया। जैसे ही कार्यकर्ता विजयवर्गीय सहित पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम मोहन यादव का पोस्टर लगा पुतला जलाने लगे, वैसे ही पुलिस ने वाटर केनन चलाकर पुतले की आग को बुझा दिया। इसी दौरान पुतले पर लगा पोस्टर उड कर अलग हो गया। कार्यकर्ताओ ने मंत्री, सीएम और मोदी के पोस्टर को जलाने लगे तो पुलिस ने फायर ब्रिगेड और वाटर केनन चलाकर पोस्टर जलाने से रोक दिया।

पुतला दहन करने के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओ में हुई झड़प के बाद पुलिस ने फायर ब्रिगेड से कार्यकर्ताओं को खदेड़ दिया। इससे नाराज होकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस के सामने इकट्ठे होकर नाराजगी जाहिर करते हुए सरकार जब जब डरती है, पुलिस को आगे करती है के नारे लगाने लगे। कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मुर्दाबाद के भी नारे भी लगाए। 




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