क्रेडिट कार्ड की उपयोगिता
इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा यह है कि जरूरत के समय अतिरिक्त फंड की व्यवस्था हो जाती है और तत्काल भुगतान करने में परेशानी नहीं होती. अगर खर्च अचानक सामने आ जाए और आपके पास पर्याप्त नकदी न हो, तो ओवरलिमिट सुविधा राहत दे सकती है।
किन परिस्थितियों में होती है उपयोगी
क्रेडिट कार्ड ओवरलिमिट सुविधा उन स्थितियों में मददगार हो सकती है, जब तत्काल पैसों की जरूरत हो और दूसरे विकल्प उपलब्ध न हों. जैसे मेडिकल इमरजेंसी, जरूरी यात्रा, दुर्घटना या घर की तत्काल मरम्मत जैसे खर्चों में इसका उपयोग किया जा सकता है।
ओवरलिमिट सुविधा के क्या हैं फायदे
इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा यह है कि जरूरत के समय अतिरिक्त फंड की व्यवस्था हो जाती है और तत्काल भुगतान करने में परेशानी नहीं होती. अगर खर्च अचानक सामने आ जाए और आपके पास पर्याप्त नकदी न हो, तो ओवरलिमिट सुविधा राहत दे सकती है.
ओवरलिमिट लेने से पहले जान लें ये नुकसान
ओवरलिमिट सुविधा मुफ्त नहीं होती. बैंक अतिरिक्त खर्च की गई राशि पर अलग से शुल्क, ब्याज और टैक्स वसूल सकते हैं. आमतौर पर भारत के प्रमुख बैंक ओवरलिमिट राशि पर करीब 2.5% से 3% तक शुल्क लेते हैं. कई मामलों में न्यूनतम शुल्क 500 से 600 रुपए तक हो सकता है. इसके अलावा इन शुल्कों पर 18% जीएसटी भी लागू होता है.
क्रेडिट स्कोर पर भी पड़ सकता है असर
क्रेडिट लिमिट से अधिक खर्च करने पर आपका क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो बढ़ जाता है. अगर यह अनुपात ज्यादा हो जाए और भुगतान समय पर न किया जाए, तो क्रेडिट स्कोर प्रभावित हो सकता है. साथ ही, अतिरिक्त खर्च की गई राशि चुकाने तक ओवरलिमिट सुविधा प्रभावी रहती है।
ओवरलिमिट लेने से पहले रखें इन बातों का ध्यान
बैंक के ओवरलिमिट शुल्क और ब्याज दर जरूर जांचें.
लागू टैक्स और अन्य चार्ज की जानकारी लें.
अतिरिक्त खर्च की राशि चुकाने की अपनी क्षमता का आकलन करें.
केवल जरूरी और आपातकालीन खर्चों के लिए ही इस सुविधा का उपयोग करें.
क्रेडिट स्कोर पर पड़ने वाले संभावित असर को ध्यान में रखें।
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