डॉ अभय औहरी के खिलाफ नीमच में विभिन्न धाराओ में प्रकरण दर्ज जानिए क्या है मामला
दरअसल नीमच जिले के सिंगोली थाना क्षेत्र में हुआ आदिवासी की मौत के बाद जयस सहित विभिन्न आदिवासी संगठनो के द्वारा रविवार को नीमच में प्रर्दशन कर ज्ञापन दिया था।
बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर जिला प्रशासन के प्रतिवेदन पर सोमवार को नीमच के कैण्ट थाने में डॉ औहरी सहित अन्य आदिवासी नेताओ पर धारा 188 , 269 ,270 सहित महामारी एवं आपदा प्रबंधन की धाराओ में प्रक रण दर्ज किया गया है।
क्या है मामला
आदिवासी कन्हैयालाल हत्याकांड का मामला में प्रशासन सभी 8 आरोपी गिरफ्तार कर उनके अवैध कब्जे जमीदोंज कर चुका है। इसके बावजूद रविवार को आदिवासी संगठन जयस ने जावद फंटे के पास चंगेरा स्थित नई कृषि उपज मंडी में विरोध प्रदर्शन कर आक्रोश व्यक्त किया। इसमें मप्र, राजस्थान व गुजरात के 30 से ज्यादा जिलों से करीब 10 हजार से ज्यादा आदिवासी कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रशासन ने आयोजन की अनुमति नहीं दी थी।
उन्हें शहर में आने से रोकने के लिए फोरलेन स्थित भाटखेड़ा, जेतपुरा, मालखेड़ा, भरभड़िया व जावद फंटे पर पुलिस बल तैनात लगा रखा था । बैरिकेडिंग कर रास्तों का बंद कर दिया था। सिर्फ कुछ चिन्हित पदाधिकारी शहर में प्रवेश कर सके जिन्होंने शोरूम चौराहे पर स्थित डॉ. भीमराव प्रतिमा पर माल्यार्पण किया फिर आयोजन स्थल पहुंचे। 5 घंटे तक मंडी परिसर खचाखच भरा रहा। संगठन के पदाधिकारियों को सुनने कार्यकर्ता शेड के पोल पर चढ़कर बैठे थे।
इन्होने किया था संबोधित
कार्यक्रम को जयस प्रदेश प्रभारी डॉ. अभय ओहरी, रणनीतिकार डॉ. आंनद राय, कांतिभाई रोज, मांगीलाल निनामा, मप्र महेंद्र कन्नोद, नीतेश अलावा, भीम सेना के सुनील अट्टे, कमलेश डोडियार समेत कई पदाधिकारियों ने संबोधित करते हुए आक्रोश व्यक्त किया। मौके पर एसडीएम एसएल शाक्य, सीएसपी राकेश मोहन शुक्ला ने पहुंचकर सीएम के नाम उनका ज्ञापन लिया। इसके बाद यह सभी कार्यकर्ता वहां से रवाना हो गए। पुलिस प्रशासन ने पूरे आयोजन की वीडियोग्राफी ड्रोन कैमरे से कराई। जिस आधार पर विधिक परीक्षण उपरांत बिना अनुमति आयोजन व धारा 144 का उल्लंघन करने पर आयोजकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया।