-->

Translate

गुरुवार, 2 सितंबर 2021

प्राइवेट स्कूल संचालकों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

 

                                      प्राइवेट स्कूल संचालकों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

                                                  52 दिन 52 जिलों के स्कूल करेंगे प्रदर्शन

                                                                                 

 भोपाल। प्रदेशभर के प्राइवेट स्कूल संचालकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और आज अपनी मांगो को लेकर भोपाल में लोक शिक्षण संचालनालय के बाहर प्रदर्शन किया। दरअसल प्राइवेट स्कूल संचालक लंबे समय से आरटीआई का भुगतान करने समेत कई मांगो को लेकर ज्ञापन और स्कूल की चाबियां भी सौंप चुके हैं।स्कूल संचालकों का कहना है 12-13 अगस्त को आश्वासन दिया गया था लेकिन अब तक मांगें पूरी नहीं की गई। कोरोनाकाल में स्कूल बंद रहें हैं। जिसके चलते आर्थिक स्थिति खराब हुई है और घर चला पाना भी मुश्किल हो गया है। उसके बावजूद सरकार की तरफ से मान्यता के नाम पर स्कूलों का परीक्षण-निरीक्षण कराया जा रहा है और 25 सालों से आरटीआई का भुगतान भी नहीं किया गया।

क्या है प्राइवेट स्कूल संचालकों की मांग 

  1. मान्यता के नाम पर शिक्षा विभाग परीक्षण निरीक्षण बंद करें
  2. 5 साल के लिए स्कूलों की मान्यता जारी की जाए
  3. RTI का भुगतान करने की मांग की, 25 साल से रुका है भुगतान
  4. सरकार से स्कूल का बिजली बिल और बैंक की किस्तें माफ करने की भी मांग
  5. सरकारी स्कूलों में बिना टीसी के छात्रों को प्रवेश नहीं दिया जाए.                                                                 प्राइवेट स्कूल संचालक करेंगे प्रदर्शन   --  प्राइवेट स्कूल संचालकों का कहना है कि अगर हमारी मांगे नहीं मानी गई तो 52 जिलों के स्कूल संचालक हर रोज आकर यानि की 52 दिन तक डीपीआई के बाहर प्रदर्शन करेंगे और हर रोज राष्ट्रगान के साथ आंदोलन समाप्त किया जाएगा। क्योंकि हम लोग पढ़े लिखे लोग है। ना कि किसी राजनेतिक दल से कल विदिशा जिले के स्कूल संचालक भोपाल आ कर प्रदर्शन करेंगे।                                                                                           

Featured post

कांग्रेस की जन आक्रोश रैली....

            कांग्रेस की जन आक्रोश रैली रतलाम । नगर निगम के 07 अप्रैल 2026 को होने वाले सम्मेलन के एक दिन पहले कांग्रेस ने जन आक्...

Ads on article

Advertise in articles 1

advertising articles 2

Advertise under the article