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   न जात न पात, फिर जीती इंसानियत

न जात न पात, फिर जीती इंसानियत


      न जात न पात, फिर जीती इंसानियत
  
डेस्क रिपोर्ट। पीलीभीत में टनकपुर हाईवे पर  एक कार गौहनियां चौराहे के पास तालाब में जा गिरी। डूबती कार, अंदर फंसा शुभम और किनारे पर खड़े सैकड़ों लोग, जिनकी सांसें अटकी थीं, लेकिन हिम्मत जवाब दे गई थी। तालाब के दूसरे किनारे पर बैठा फैसल नाव से मछली मार रहा था।  उसने फौरन अपनी नाव कार तक भगाई और शुभम को बचाने में लग गया, शुभम नशे में होने की वजह से कार से बाहर नहीं आपा रहा था।

शुभम अंदर फंसा था और समय बेहद कम। फैसल ने अकेले ही संघर्ष शुरू किया, लेकिन तभी अचानक कार पूरी तरह डूबने लगी और फैसल की नाव भी उलट गई। वह भी पानी में था, फिर भी उसने शुभम को नहीं छोड़ा। फैसल शुभम का हाथ थामे खींचता रहा, आधा रास्ता गुज़र चुका था तभी वहां से गुजर रहे दिनेश बिना हिचक तालाब में कूद पड़े और फैसल की मदद करने लगे। और दोनों ने मिलकर आखिर शुभम को बचा लिया इस तरह बिना जात मज़हब देखे एक बार फिर इंसानियत की जीत हुई।

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