"गए थे नमाज़ बख्शवाने , रोज़े गले पड़ गए
डेस्क रिपोर्ट। "गए थे नमाज़ बख्शवाने , रोज़े गले पड़े गए कहते हे थोड़े से लालच में अपना सब गवाया, आज जावरा नगर पालिका में कांग्रेस अध्यक्ष के साथ ही कांग्रेस का बहुमत होने के बाद जिस तरह से पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष एवं प्रदेश सचिव ने अपनी मनमानी करते हुए पार्टी के प्रदेश नेताओं एवं लोकल नेताओं को नजर अंदाज करते हुए विपक्ष के साथ मिलकर जो फायदे का गेम खेला था, वो उल्टा पड़ गया। कांग्रेस को अपनी जेब में रखने वाले नेता जी ने जिस तरह से मिली भगत कर नगर पालिका चुनाव जीता ओर अपनी पुत्री को अध्यक्ष का ताज पहनाया ओर पार्टी को बहुमत मिलने पर नेता जी को इतना ओवर कॉन्फिडेंस हो गया कि जावरा में में जो चाहूंगा वहीं होगा, इतना ओवर कॉफिडेंस क्यों नहीं होगा जिस नेता ने 2018 में टिकट न मिलने पर विपक्ष से मिलकर निर्दलीय उम्मीदवार का ट्रैक्टर चलाया था और कांग्रेस के उम्मीदवार को हार का मुंह देखना पड़ा था, उसके बाद पार्टी ने उक्त नेता को 6 साल के लिए बाहर का रास्ता दिखा दिया था। परन्तु कुछ दिन बाद ही पार्टी ने वापस ले लिया, शायद पार्टी के पास नगर में कोई नेता नहीं था या पार्टी की आर्थिक स्थिति वैसे हमे क्या करना..?
उसी ओवर कॉफिडेंस में गद- गद नेता जी ने आज नगर पालिका के तहत अमृत महोत्सव का आयोजन रखा जिसमें अपनी वफादारी की कीमत वसूलने की ज़ुगद में कार्यक्रम में पूरा कुनबा विपक्ष का बुला लिया, परंतु ये उम्मीद नहीं थी, की राजनीति में कूटनीति भी हावी होती हे, कार्यक्रम में पधारे नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक तीर से दो शिकार कर दिए, मंच से नवनिर्मित 2 टंकियां का शिलान्यास और करोड़ों के निर्माण कार्य का उद्घाटन तो किया ओर लगे हाथों मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस नेत्री सोनिया गांधी पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी के कहने पर मालेगांव ब्लास्ट की साजिश रची गई थी। वहीं मंत्री ने कहा कि कानूनी जानकारों की मदद लेकर कांग्रेस के खिलाफ बड़ा कदम उठाएंगे। उन्होंने सीधे सोनिया गांधी पर अटैक करते हुए कहा कि इस प्रकार का जो कृत्य कांग्रेस ने भगवा को बदनाम करने के लिए किया है इस पर समय तो सजा देगा ही साथ ही हम कानून जानकारी से सलाह लेकर इन सभी षड्यंत्र कार्यों के खिलाफ एक्शन लेंगे, जिस तरह कांग्रेस की नगर पालिका ओर उस के बाद पार्टी की मुखिया को कटघरे में खड़ा करना इस तरह के गंभीर आरोप लगाना नेता जी के लिए फायदे की जगह बड़ा नुकसान हो सकता हे, या हमेशा की तरह इस बार भी....????