आपसी सहमति से लाउडस्पीकर हटाने
की शुरुआत
रतलाम। मध्य प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के द्वारा दिए गए निर्देश के बाद धार्मिक स्थलों एवं अन्य स्थानों में ध्वनि विस्तारक यंत्र (लाउड
स्पीकर/डीजे/संबोधन प्रणाली) के अनियंत्रित व
नियम विरूद्ध प्रयोग पर नियंत्रण/कार्रवाई हेतु
जारी दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। जिसका असर अब देखने को मिल रहा है। रतलाम जिले में सभी अनुभागों
में एसडीएम ने धर्म गुरुओं और धार्मिक स्थलों के प्रबंधक की बैठक आयोजित कर शासन के आदेश से अवगत कराया और धार्मिक स्थलों पर उपयोग होने वाले लाउडस्पीकरों को हटाने के लिए आपसी सहमति भी बनाई। इसके बाद अब जिले के रतलाम ग्रामीण, सैलाना और अन्य क्षेत्रों
में धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर
हटाने की शुरुआत हो गई है। खास बात यह है कि प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश पर सभी धर्म के लोगों ने पहल कर स्वेच्छा से लाउडस्पीकर
हटाए हैं।
जानकारी के अनुसार धार्मिक स्थान एवं अन्य स्थानों पर निर्धारित मापदंड अनुसार ही ध्वनि विस्तार यंत्रों के उपयोग को लेकर शुक्रवार को रतलाम ग्रामीण एसडीम त्रिलोचन
सिंह गौड़ और सैलाना में एसडीएम मनीष कुमार जैन ने धर्मगुरूओं,
डीजे संचालकों
की बैठक लेकर लाउडस्पीकर एवं डीजे की विधिवत् अनुमति लेकर एवं निर्धारित मापदंडों का पालन करते हुए डीजे और लाउडस्पीकर
बजाने के संबंध में जानकारी दी। इसके बाद जिले में इसका असर भी देखने को मिला है। कई जगह ग्रामीण क्षेत्रों में मंदिरों और मस्जिदों पर से लाउडस्पीकर हटाने का कार्य शुरू हुआ है।
